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BRD आग से सबक: बदलेंगे बिजली उपकरण, जेई की तैनाती, सर्वे भी जल्द

Fri, 04 Aug 2023 01:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में विद्युत अभियंता का पद करीब पांच साल से रिक्त था। इस पर एक अवर अभियंता को संबद्ध किया गया है। इस पद पर नियमित नियुक्ति के लिए भी प्रयास किया जाएगा। अवर अभियंता से मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण परिसर की विधिवत जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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बीआरडी में लगी आग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 14 में लगी आग के बाद प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट और सुझावों को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अब पूरे परिसर में सुरक्षा की दृष्टिकोण से बिजली उपकरणों की नए सिरे से जांच होगी। इसके लिए सर्वे कराकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। जहां जरूरी होगा, वहां तार, स्वीच बोर्ड व अन्य बिजली उपकरण बदले जाएंगे। जिला प्रशासन की तरफ से मेडिकल कॉलेज में पांच साल से रिक्त पड़े विद्युत अभियंता के पद पर एक इंजीनियर को संबद्ध भी किया गया है। उनकी देखरेख में एक-दो दिन में सर्वे शुरू होगा।

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27 जुलाई की रात करीब 10 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी में आग लग गई थी। वार्ड व आईसीयू में भर्ती मरीजों को परिजन, स्वास्थ्यकर्मी व अन्य लोगों ने किसी तरह से बाहर निकाला था। घटना की भयावहता को देखते हुए डीएम कृष्णा करुणेश समेत कई प्रशासनिक व पुलिस अफसर रात में ही मौके पर पहुंच गए थे।

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डीएम ने आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी समिति का गठन किया था। समिति ने जांच में पाई गई कमियों का उल्लेख करते हुए सुधार के लिए जरूरी उपाय भी बताए थे। जांच रिपोर्ट शासन के अलावा मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भी भेजा गया है। रिपोर्ट पर अब अमल होना शुरू कर दिया गया है।

सबसे पहले मेडिकल कॉलेज में रिक्त चल रहे विद्युत विभाग के अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से संबद्ध किया गया है। वार्ड 14 में जो उपकरण खराब हैं, पहले उन्हें बदला जाएगा फिर सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

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जांच टीम ने यह दिया है सुझाव

  • प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव एवं मरम्मत मानक के अनुरूप हो तथा क्रियाशील रहे।
  • फायर हाइडेंट, होजरील, लैंडिंग वॉल, फायर अलार्म तथा अन्य सुरक्षा उपकरण क्रियाशील रखे जाएं।
  • संपूर्ण मेडिकल कॉलेज परिसर का किसी अन्य एजेंसी से फायर ऑडिट कराया जाए। हर दो साल में एक बार फायर ऑडिट जरूर कराएं।
  • प्रत्येक छह माह (जनवरी एवं जुलाई) में अग्निशमन अभियंता से मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सुरखा उपकरणों की जांच कराएं। फायर मॉक ड्रिल कराकर कर्मचारियों को भी अग्निशमन उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाए।
  • परिसर में एक प्रशिक्षित अग्निसुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया जाए। इसके अलावा अग्निशमन उपकरणों को चलाने के लिए फायर पंप ऑपरेटर नियुक्ति किए जाएं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में विद्युत अभियंता का पद करीब पांच साल से रिक्त था। इस पर एक अवर अभियंता को संबद्ध किया गया है। इस पद पर नियमित नियुक्ति के लिए भी प्रयास किया जाएगा। अवर अभियंता से मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण परिसर की विधिवत जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर तार-स्वीच बोर्ड व अन्य बिजली उपकरणों को बदलने के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। प्रयास रहेगा कि जो उपकरण खराब हैं, उन्हें जल्द बदलवा दिया जाए।


 
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