- प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव एवं मरम्मत मानक के अनुरूप हो तथा क्रियाशील रहे।
- फायर हाइडेंट, होजरील, लैंडिंग वॉल, फायर अलार्म तथा अन्य सुरक्षा उपकरण क्रियाशील रखे जाएं।
- संपूर्ण मेडिकल कॉलेज परिसर का किसी अन्य एजेंसी से फायर ऑडिट कराया जाए। हर दो साल में एक बार फायर ऑडिट जरूर कराएं।
- प्रत्येक छह माह (जनवरी एवं जुलाई) में अग्निशमन अभियंता से मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सुरखा उपकरणों की जांच कराएं। फायर मॉक ड्रिल कराकर कर्मचारियों को भी अग्निशमन उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाए।
- परिसर में एक प्रशिक्षित अग्निसुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया जाए। इसके अलावा अग्निशमन उपकरणों को चलाने के लिए फायर पंप ऑपरेटर नियुक्ति किए जाएं।
इसे भी पढ़ें: तस्करी से बचा थानों में ठूसीं मूर्तियां संग्रहालय में सजेंगी, देश में मिसाल बनेगा गोरखपुर का प्रयास
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में विद्युत अभियंता का पद करीब पांच साल से रिक्त था। इस पर एक अवर अभियंता को संबद्ध किया गया है। इस पद पर नियमित नियुक्ति के लिए भी प्रयास किया जाएगा। अवर अभियंता से मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण परिसर की विधिवत जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर तार-स्वीच बोर्ड व अन्य बिजली उपकरणों को बदलने के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। प्रयास रहेगा कि जो उपकरण खराब हैं, उन्हें जल्द बदलवा दिया जाए।