डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि हेपेटाइटिस मरीजों की जांच और उनके इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और जिला अस्पताल में अलग से ओपीडी चलाने की योजना है। इसमें हेपेटाइटिस मरीजों की जांच से लेकर उनकी दवाइयों तक की जानकारी दी जाएगी। मरीजों को बताया जाएगा कि वायरल का लोड कितना है और बचाव के उपाय क्या है।
हेपेटाइटिस बी और सी से लिवर कैंसर का खतरा
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि हेपेटाइटिस बी औ सी दोनों ही खतरनाक होते हैं। सी वायरस का लक्षण मरीजों को काफी दिनों बाद पता चलता है। जबकि, बी का लक्षण आसानी से पता चल जाता है। दोनों ही वायरस से लिवर कैंसर का खतरा रहता है। इसलिए समय पर जांच और इलाज दोनों जरूरी है। बताया कि शरीर में एक भी वायरस खतरनाक है। जांच में यह पता किया जाता है कि वायरस का लोड कितना है।
हेपेटाइटिस बी के लक्षण
गाढ़ा पेशाब, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, बुखार, भूख में कमी, कमजोरी, पेट में दर्द, आंखों और त्वचा के सफेद हिस्से का पीला पड़ना (पीलिया) लक्षण हैं।
हेपेटाइटिस सी के लक्षण
गाढ़ा पेशाब, कमजोरी, मिचली, उल्टी, पेट में दर्द, भूख में कमी आदि लक्षण हैं।