काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रो. मनोज कुमार सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह, जवाहर लाल नेहरू से प्रो. कपिल कपूर, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से प्रो. केके सिंह, रेलिजन वर्ल्ड से डॉ. भव्य श्री, वीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा से डॉ. विवेक प्रकाश सिंह, मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि से डॉ. चंद्रकांत सिंह, तेजपुर केंद्रीय विवि से प्रो. अनंत कुमार नाथ, पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय शिलांग से प्रो. हितेंद्र मिश्र, असम विश्वविद्यालय से डॉ. सत्यदेव, कल्याणी विश्वविद्यालय के डॉ. हिमांशु आदि।
छठवें सत्र के उप विषय
संगोष्ठी की समन्वयक प्रो. नंदिता सिंह ने बताया कि छठवें सत्र के उपविषय के रूप में भक्ति आंदोलन, नाथ साहित्य और गोरखनाथ, नाथ पंथ और भारतीय संत साहित्य, नाथ पंथ और संस्कृत एवं जनपदीय साहित्य, नेपाल, भूटान एवं अन्य भारतीय प्रायद्वीप में नाथ पंथ, बंगाल एवं पूर्वोत्तर भारत में नाथ पंथ का प्रभाव, नाथ पंथ का अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य निर्धारित किया गया है।