मोबाइल की जिद बनी जानलेवा
मुन्नीलाल प्रजापति, जो खेती और मजदूरी से अपने परिवार का पेट पालते हैं, चार बेटियों और इकलौते बेटे रवि के पिता हैं। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला रवि पिछले कई दिनों से नया मोबाइल खरीदने की जिद कर रहा था। लेकिन परिवार की आर्थिक तंगी के चलते मुन्नीलाल उसकी बात टालते रहे। सोमवार सुबह जब रवि ने फिर से मोबाइल की मांग की, तो पिता ने उसे डांट दिया। इस डांट ने रवि को इतना आहत कर दिया कि उसने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने सबको हक्का-बक्का कर दिया।
कमरे में फंदे से लटका मिला रवि
नाराज रवि चुपके से अपने कमरे में गया और वहां फंदे से अपनी जिंदगी खत्म कर ली। कुछ देर बाद जब उसकी बहन कमरे में पहुंची, तो रवि को फंदे से लटकता देख उसकी चीखें गूंज उठीं। परिवार वाले आनन-फानन उसे फंदे से उतारकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर दिया। यह खबर जंगल की आग की तरह गांव में फैल गई।
रोता-बिलखता परिवार, सन्नाटे में गांव
अस्पताल में रवि के शव से लिपटकर उसकी मां, पिता और बहनों की चीत्कार सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। गांव वाले भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हर्रैया के थानेदार तहसीलदार सिंह ने बताया कि रवि की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डुबो दिया है। गांव में हर तरफ सन्नाटा पसरा है, और लोग इस बात पर हैरान हैं कि एक छोटी-सी जिद इतना बड़ा हादसा बन जाएगी।