पोस्टल बैलेट में बांसगांव में कांग्रेस प्रत्याशी सदल प्रसाद को 506 एवं गोरखपुर सदर में सपा प्रत्याशी काजल निषाद को 198 मत अधिक प्राप्त हुए। भाजपा के दोनों प्रत्याशियों को हार मिलने से साबित हुआ कि कर्मचारियों में नाराजगी है। गोरखपुर सीट पर 3590 कर्मचारियों ने मतदान किया था, जिसमें 29 लोगों ने नोटा का विकल्प चुना था।
गोरखपुर सदर और बांसगांव संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशियों को जीत मिली, लेकिन वे पोस्टल बैलेट में हार गए थे। विकास भवन में बुधवार को कर्मचारियों में चर्चा रही कि दोनों सीटों पर अवैध हुए पोस्टल बैलेट की संख्या 500 से अधिक है। यदि बैलेट पेपर अवैध नहीं होते तो हारने वाले प्रत्याशियों की पोस्टल बैलेट में जीत का अंतर और होता।
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पोस्टल बैलेट में बांसगांव में कांग्रेस प्रत्याशी सदल प्रसाद को 506 एवं गोरखपुर सदर में सपा प्रत्याशी काजल निषाद को 198 मत अधिक प्राप्त हुए। भाजपा के दोनों प्रत्याशियों को हार मिलने से साबित हुआ कि कर्मचारियों में नाराजगी है। गोरखपुर सीट पर 3590 कर्मचारियों ने मतदान किया था, जिसमें 29 लोगों ने नोटा का विकल्प चुना था।
जांच में 561 वोट अवैध हो गए। वैध मतों की संख्या 3000 थी, जिसमें सपा की काजल निषाद को 1520, भाजपा के रविकिशन को 1322 एवं बसपा के जावेद सिमनानी को 121 मत मिले थे। बांसगांव सीट पर 3651 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट से मतदान किया था, इसमें 15 लोगों ने नोटा का विकल्प चुना, जबकि जांच में 596 बैलेट पेपर रिजेक्ट हो गए थे।