परिवहन निगम की प्रवर्तन टीम अब जांच के दौरान बॉडी वार्र्न कैमरे का इस्तेमाल करेगी। इसके लिए गोरखपुर क्षेत्र की प्रवर्तन टीम को कैमरा मिल चुका है। अक्सर चालक और परिचालक की मिलीभगत से बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने का मामला सामने आता है।
सुबूतों के अभाव में ऐसे आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि प्रवर्तन दल द्वारा बॉडी वार्न कैमरे का प्रयोग करते हुए प्रवर्तन कार्य कराया जाए। प्रत्येक बस के निरीक्षण के समय कैमरे को ऑन रखते हुए मौके की पूरी रिकॉर्डिंग की जाएगी। निरीक्षण कार्य समाप्त होने के बाद रिकॉर्डिंग क्षेत्रीय प्रबंधक या सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में प्रवर्तन पटल के सहायक के कंप्यूटर पर सुरक्षित रखना होगा।
साक्ष्य के लिए रखनी होगी रिकॉर्डिंग
बिना टिकट यात्रियों के गंभीर प्रकृति के प्रकरणों एवं तैनात चालकों व परिचालकों द्वारा निरीक्षणकर्ताओं से किए गए अभद्र व्यवहार के रिकॉर्डिंग की सीडी कर्मचारी के अनुशासनिक प्रकरण में रखी जाएगी, ताकि सुनवाई के समय नियुक्ति अधिकारी, अपीलीय अधिकारी, रिवीजन अधिकारी तथा न्यायालय के समक्ष संबंधित रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। प्रवर्तन कार्यों से संबंधित अतिसंवेदनशील सीडी को सुरक्षित रखने का दायित्व संबंधित नियुक्ति अधिकारी का होगा। इससे छेड़छाड़ करने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।