पर्यटन निगम के दखल के बाद बुधवार से रामगढ़ ताल में बोटिंग फिर से शुरू हो गई। दो दिन पहले 17 फरवरी को पुलिस ने जबरन बोटिंग बंद करा दी थी। इससे पर्यटक तो मायूस हुए ही थे, संचालन करने वाली फर्म को भी झटका लगा था।
पुलिस का कहना है कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के कहने पर उन्होंने बोटिंग बंद कराई। वहींप्राधिकरण का कहना है कि उन्होंने बोटिंग नहीं, बल्कि बिना अनुबंध चल रहे जार्बिंग बॉल का संचलन रोकने के लिए पुलिस को कहा था। उधर, पर्यटन निगम ने इस मामले की शिकायत शासन से करने की तैयारी शुरू कर दी थी।
रामगढ़ ताल में बोटिंग का संचालन पर्यटन निगम के पास है। बोटिंग का संचालन करने के लिए निगम और संस्था नौकायन विकास समिति के बीच तीन साल का अनुबंध हुआ था। बदले में यह संस्था निगम को 1.66 लाख रुपये प्रति महीने देती है। सब कुछ ठीक चल रहा था, मगर पिछले सप्ताह प्राधिकरण से अनुबंध के बिना संचालित जार्बिंग बॉल में एक युवक की मौत हो गई।
प्राधिकरण ने अगले दिन ही इस खेल का संचालन करने वाली फर्म को नोटिस दिया और उसे बंद करा दिया। साथ ही 14 फरवरी से शुरू होने वाली स्पीड बोट और जेट स्की गेम पर भी रोक लगा दी। बिना अनुबंध के ये तीनों गेम संचालित न हों, इसके लिए प्राधिकरण ने रामगढ़ ताल थाने की पुलिस को भी पत्र लिखा था। पुलिस ने सोमवार को पर्यटन निगम द्वारा संचालित बोटिंग भी बंद करा दी।
नौकायन विकास समिति अध्यक्ष राधेश्याम साहनी ने कहा- पर्यटन निगम के निर्देश पर बुधवार की सुबह से बोटिंग शुरू कर दी गई। संस्था का निगम के साथ अनुबंध है। सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा जाता है।