किसी भी रक्तदाता के रक्तदान से पहले यह जांच की जाती है कि वह कितने समय पहले रक्तदान किया था। रक्तदान के लिए कम से कम तीन महीने का अंतर होना चाहिए। जांच के बाद ही रक्त लिया जाता है, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक शख्स से इन लोगों ने महीने भर में तीन बार रक्तदान कराया है। बिना कर्मचारी के मिलीभगत से यह संभव ही नहीं है।
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खून की जरूरत होने और डोनर न होने की दशा में ऑनलाइन डोनर की तलाश की जा सकती है। इसके लिए जिला स्तर की वेबसाइट
bbdhgorakhpur.com पर जाकर डोनर खोज सकते है। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर भी एक वेबसाइट है। इन दोनों ही वेबसाइट पर डोनर के नाम के साथ ही नंबर है जो स्वैच्छिक रक्तदाता है और शहर में रहने पर खून दे सकते हैं।