आशुतोष सिंह ने कहा कि मेरे एक रिश्तेदार बिहार से आए थे। उन्हें न्यूरो से संबंधित समस्या है। डाॅक्टर ने एमआरआई कराने की सलाह दी। जब यहां आए तो कर्मचारियों ने अगले जनवरी की तारीख देने की बात कही। इसके बाद बाहर से जांच करानी पड़ी। इसके चलते ढाई हजार रुपये की जांच 4500 रुपये में हुई। पूरे दिन परेशान होना पड़ा सो अलग। रिपोर्ट लेकर जबतक आए तबतक डॉक्टर साहब जा चुके थे। अब पांच दिन बाद दोबारा आना पड़ेगा।
इसे भी पढ़ें: स्वास्थ सेवा की बिगड़ी तस्वीर: अब खुला ब्लड माफिया का खेल, मजदूर के खून की कीमत लगा दी 8 हजार
इमरान ने कहा कि सिटी स्कैन की व्यवस्था बंद होने के चलते मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। मेरे एक रिश्तेदार को सिटी स्कैन कराना था, उसे बाहर ले जाना पड़ा। यहां फीस 1500 रुपये है, जिसके लिए बाहर 3400 रुपये देने पड़े। साथ ही गाड़ी का खर्च भी देना पड़ा। इससे समय के साथ-साथ खर्च भी तीन गुना बढ़ गया।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि सिटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। एमआरआई कराने वालों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए दिक्कत आती है। अभी बाहर हूं, वापस आने पर इस विषय पर संबंधित विभागाध्यक्ष से और जानकारी लेकर मरीजों की सुविधा के लिए प्रयास किया जाएगा।