उप्र के देवरिया जिले के अबूबकर नगर की लल्ली जन्म से नेत्रहीन हैं, फिर भी वह अपने वोट को बेकार नहीं जाने देती। 17 सालों से हर चुनाव में मतदान करती आ रही हैं।
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अब्बू के साथ लल्ली।
- फोटो : अमर उजाला।
मंगलवार की सुबह उनके अब्बू इकरामुल्लाह वोट डालने बूथ के लिए निकल रहे थे। इसकी भनक लगते ही लल्ली बोली—'नेत्रहीन हूं तो मतदान का अधिकार भी नहीं दोगे अब्बू।' इतना सुनते ही इकरामुल्लाह ने लल्ली का हाथ थामा और सीधा एसएसबीएल इंटर कॉलेज में बने मतदान केंद्र पर पहुंच गए।
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देवरिया उपचुनाव।
- फोटो : अमर उजाला।
वोट डालकर लल्ली बेहद उत्साहित दिखीं। उसकी इच्छा दिव्यांगजन, असहाय लोगों की सेवा करने वाले प्रत्याशी को जीत दिलाने की थी। इकरामुल्लाह ने बताया कि लल्ली की उम्र 35 वर्ष है। वह हर चुनाव को पर्व के रूप में मनाती हैं।
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मतदान करने के बाद आफताब।
- फोटो : अमर उजाला।
आफताब में भी ऐसा ही उत्साह
मतदान के प्रति ऐसा ही उत्साह अबूबकर नगर निवासी आफताब में भी देखने को मिला। वह भी जन्म से नेत्रहीन हैं। अपने भतीजे का हाथ थामे एसएसबीएल इंटर कॉलेज आए थे। मतदान के बाद सेल्फी की तस्वीर भतीजे से फेसबुक पर डालने को कहा।
उनका कहना था, 'चुनाव में कोई नेता पसंद आए या नहीं, लेकिन लोकतंत्र की मजबूती के लिए मैं हर बार मतदान करता हूं।' बभनी बूथ पर सिंधी मिल निवासी हरविंदर सिंह ट्राई साइकिल से बूथ पर पहुंचे, जहां उन्होंने मतदान किया। रामगुलाम टोला बूथ पर संत विनोबा महाविद्यालय के छात्र अभिषेक जायसवाल बैसाखी लेकर मतदान करने बूथ पर पहुंचे।