कोरोना संक्रमण से मुक्ति के बाद मरीज ब्लैक फंगस का शिकार हो रहे हैं। हर दिन तीन से चार मरीज पोस्ट कोविड वार्ड में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में ब्लैक फंगस का असर ऐसा है कि डॉक्टरों को ऑपरेशन तक करना पड़ रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 29 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है। सात से अधिक मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा मौजूदा समय में गंभीर हाल में पांच मरीज पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती हैं। जबकि अब तक 170 से अधिक मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसमें ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस जैसी बीमारियां शामिल हैं। बीआरडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोस्ट कोविड वार्ड के नोडल व नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि अब तक जिन 29 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है, उनमें 10 ऐसे हैं जिनकी आंखों तक में फंगस का असर पहुंच चुका था।
टीम ने आंखों में इंजेक्शन लगाकर फंगस को काटकर अलग किया। दो मरीज ऐसे हैं, जिनके मस्तिष्क तक फंगस पहुंच गया था। कई मरीजों में रक्त की धमनियों तक में फंगस का असर रहा। डॉ. जायसवाल ने बताया कि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी मरीज की आंख नहीं निकालनी पड़ी है।