- मतगणना के बाद पार्टी में महानगर, जिला स्तर पर समीक्षा होने लगी, जुलाई में गिरेगी गाज
- गोरखपुर-बस्ती मंडल की नौ में से तीन सीटों पर मिली है हार, बांसगांव, गोरखपुर व महराजगंज में खराब प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। लोकसभा चुनाव में गोरखपुर-बस्ती मंडल की तीन सीटें हारने और बांसगांव सहित सभी सीटों पर जीत का अंतर बहुत कम होने की समीक्षा भाजपा में शुरू हो गई। चुनाव में पार्टी की ओर से बनाए गए सभी प्रेक्षकों से पूरा ब्योरा ले लिया गया है। बूथ से लेकर मंडल स्तर की समीक्षा के बाद कार्यकर्ताओं से भी फीड बैक लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आने के बाद संगठन में भारी फेरबदल हो सकता है। कुछ पदाधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी उम्मीदवारों को मिले कम मतों की समीक्षा शुरू करा दी है। गोरखपुर-बस्ती मंडल की नौ लोकसभा सीटों में से बस्ती, संतकबीरनगर और सलेमपुर में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, बांसगांव संसदीय सीट हारते-हारते बची। इसके अलावा गोरखपुर, महराजगंज और देवरिया में जीत का अंतर बहुत कम रहा। पार्टी की ओर से बूथ से लेकर मंडल स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई थी। साथ ही बड़े पदाधिकारियों को समन्वय के लिए लगाया गया था। पार्टी ने प्रत्याशियों से भी फीड बैक लिया है। उनके संगठन से समन्वय और कमी के बारे में पूछा गया है। पार्टी सूत्रों की माने तो केंद्र में सरकार के मंत्रिमंडल के गठन के बाद जवाबदेही तय की जाएगी। इसके पहले समीक्षा करा ली जाएगी।
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विधानसभावार बनाए प्रेक्षकों से भी ली जाएगी रिपोर्ट
गोरखपुर। भाजपा ने चुनाव को लेकर विधानसभावार प्रेक्षक बनाए थे। जिनके पास विधानसभा में पड़े मतों को पूरा आंकड़ा है। उन्हें एक रजिस्टर मुहैया कराया गया था जिसमें बूथों पर किस दल के प्रत्याशी को कितना मत मिला, इसका ब्यौरा है। इन प्रेक्षकों से भी रिपोर्ट ली जाएगी।
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कोट
संगठन स्तर पर चुनाव की समीक्षा कराकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें हार और कम मिले वोट की वजह को भी रखा जाएगा। प्रदेश नेतृत्व से रिपोर्ट अगर मांगी जाती है तो आंकड़ों के साथ भेजा जाएगा। अभी सभी लोग केंद्र में सरकार बनने का उल्लास मना रहे हैं।
सहजनानंद राय, क्षेत्रीय अध्यक्ष