भाजपा का चुनावी अभियान मकर संक्रांति (14 जनवरी) से तेज होगा। हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच वाहनों से प्रचार किया जाएगा। इसका खर्च पार्टी उठाएगी। डोर टू डोर व मैन टूट मैन संपर्क पर ज्यादा जोर रहेगा।
खरमास को देखते हुए भाजपा कोई नया अभियान नहीं शुरू कर रही है।
खरमास खत्म होते ही क्षेत्रीय मीडिया कार्यालय की शुरुआत होगी। साथ ही चुनावी अभियान में तेजी आएगी। जिले में विधानसभा की नौ सीटें हैं। लिहाजा, चुनाव प्रचार के लिए 45 वाहनों की व्यवस्था की गई है। हर विधानसभा क्षेत्र में एक वाहन महिलाओं के लिए आरक्षित है। इससे महिला पदाधिकारी व नेता चुनाव प्रचार में निकलेंगी। एक से अनुसूचित जाति तो एक से पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारी चलेंगे।
एक वाहन प्रबुद्ध (ब्राह्मण) वर्ग के नेताओं के लिए आरक्षित किया गया है। बचे एक वाहन से सामान्य वर्ग के नेता, पदाधिकारी प्रचार करेंगे। इसके जरिए भाजपा हर वर्ग में पैठ बनाना चाहती है। भाजपा पदाधिकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने रैली, रोड शो, जनसभा, बाइक या साइकिल रैली पर रोक लगाई है। पांच नेता ही एक साथ चलकर वोट मांग सकते हैं। लिहाजा, हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।