गोरखपुर। कक्षा एक में बच्चे के प्रवेश के समय जन्मतिथि दर्ज करने को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अब स्कूल में पहली बार प्रवेश लेते समय छात्र की जन्मतिथि किसी प्रमाणित अभिलेख के आधार पर ही दर्ज करनी होगी। जिस अभिलेख के आधार पर जन्मतिथि लिखी जाएगी, उसका विवरण भी विद्यालय के अभिलेख में दर्ज करना होगा।
परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव विनोद कृष्ण ने सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के 27 अगस्त के निर्देश के अनुपालन में यह जानकारी जारी की है। परिषद के अनुसार जन्मतिथि में संशोधन से जुड़े मामले लगातार सामने आते हैं। कई बार प्रवेश के समय जन्मतिथि का आधार दर्ज नहीं होने से बाद में विवाद की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने पर बच्चे का प्रवेश नहीं रोका जाएगा।
ऐसे में अस्पताल या सहायक नर्स एवं दाई का पंजी अभिलेख, आंगनबाड़ी का अभिलेख, जन्म-मृत्यु से संबंधित ग्राम पंजी या माता-पिता अथवा अभिभावक का बच्चे की आयु संबंधी शपथपत्र स्वीकार किया जा सकेगा। इनमें से किसी एक मान्य अभिलेख के आधार पर जन्मतिथि दर्ज की जाएगी।
विद्यालयों को छात्र के प्रथम प्रवेश के समय ही जन्मतिथि की जांच कर उसे अभिलेख में दर्ज करना होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि जन्मतिथि किस प्रमाण के आधार पर लिखी गई है। परिषद ने कहा है कि हाईस्कूल के प्रमाणपत्र और अंकपत्र में जन्मतिथि का विशेष महत्व है। इसलिए शुरुआत में सही अभिलेख के आधार पर जन्मतिथि दर्ज होने से आगे चलकर संशोधन की जरूरत और विवाद कम होंगे।