कैंट स्टेशन के यार्ड रिमाडलिंग का कार्य पूरा, फरवरी 2024 से ट्रेनों को चलाने की तैयारी
गोरखपुर। कैंट स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन बनाने का काम अब पूरा हो गया है। भवन निर्माण, प्लेटफॉर्म और यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य समाप्त होने के बाद अब ट्रेनों को यहां से चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस साल फरवरी से वाराणसी और बिहार जाने वाली ट्रेनें चल सकती हैं। रेल प्रशासन, ट्रेनों का शेड्यूल बनाने में जुट गया है। कैंट स्टेशन से ट्रेनों के चलने पर गोरखपुर जंक्शन पर लोड कम हो जाएगा। प्लेटफॉर्म खाली रहेंगे और ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर जंक्शन से रोजाना 153 यात्री ट्रेनें व 50 मालगाड़ियां गुजरती हैं। इसके चलते ट्रेनों को चलाने के लिए प्लेटफाॅर्म कम पड़ने लगे हैं। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने कैंट स्टेशन के विस्तार का निर्णय लिया। कैंट-कुसम्ही के बीच तीसरी लाइन बनने के साथ ही इस स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग का भी कार्य शुरू हुआ था।
इसके लिए स्टेशन पर नया प्लेटफाॅर्म, सिग्नल सिस्टम, यात्री प्रतीक्षालय और टिकट काउंटर आदि का निर्माण कराया गया। दो नए प्लेटफार्म के अलावा दो फुट ओवरब्रिज भी बनवाया गया है। नए स्टेशन पर अब सभी मानक पूरे हो गए हैं। सुविधाएं बढ़ने से यात्रियों के लिए भी यहां से आवागमन आसान होगा। इस स्टेशन को गोरखपुर जंक्शन के सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया गया गया है। गोरखपुर-छपरा और गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग का जंक्शन होने के चलते यहां से इन दोनों रूट पर पैसेंजर व अन्य ट्रेन चलाने में सुविधा होगी।
जल्द शुरू होगा सेकेंड इंट्री प्वाइंट व आरओबी का काम
कैंट स्टेशन के यार्ड रिमाॅडलिंग का कार्य पूरा होने के बाद अब प्लेटफार्म नंबर 6 के नजदीक सेकेंड इंट्री बनाने का काम जल्द शुरू होगा। इसके लिए जीआरडी से जमीन को लेकर सहमति बन चुकी है। सेकेंड इंट्री के लिए मुख्य भवन के सामने वाले फुट ओवरब्रिज के पास एक जनरल टिकट काउंटर बनाया जाएगा। ओवरब्रिज तक जाने के लिए सीढ़ी और लिफ्ट भी लगाई जाएगी। इसके अलावा कैंट क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की मंजूरी भी मिल चुकी है। डिजाइन भी फाइनल हो चुका है। उम्मीद है कि नए साल में इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
नया वर्ष रेल उपयोगकर्ताओं के लिए कई सौगातें लेकर आएगा। गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन अब सैटेलाइट स्टेशन के रूप में तैयार हो चुका है। नए साल में इस स्टेशन से भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। इससे नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे गोरखपुर जंक्शन स्टेशन पर कंजेशन कम हो सकेगा।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ