बिहार के मोतीहारी के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के पकड़ी निवासी विजय महतो, मिथिलेश कुमार, सोनू कुमार साहनी, शत्रुधन साहनी की गिरफ्तारी हुई है। पूछताछ में गोरखपुर के दीपक कुमार व सोनू साहनी का भी नाम सामने है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है।
व्यापारी के चोट देखकर हुआ घटना पर यकीन
पुलिस को व्यापारी रामाकांत ने लूट की जब सूचना दी थी तो पुलिस ने बिहार के उस व्यापारी से संपर्क किया, जिसके पास से रुपये लाने की बात कही गई थी, लेकिन उस व्यापारी ने रुपये देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस को घटना पर संदेह हो गया था, लेकिन व्यापारी रामाकांत के आंख व शरीर पर चोट के निशान व आने के साधन और जगह के बारे में जो जानकारी दी गई थी, वह एकदम सही थी। इस वजह से पुलिस ने केस दर्ज किया। दूसरे व्यापारी अपनी बातों पर अडिग था और उसकी तबीयत भी खराब हो गई थी।
ऐसे खुला मामला
एसएसपी ने बताया कि व्यापारी से पुलिस ने गाड़ी के हुलिया के बारे में पूछा। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो मोहद्दीपुर के एक मकान में लगे कैमरे से उस तरह की गाड़ी की तस्वीर मिल गई। इसके बाद पुलिस ने आईटीएमएस से भी मदद ली। सर्विलांस की मदद से उस तरह की गाड़ियों के लोकेशन को देखा और फिल्टर करते हुए असल आरोपी तक पुलिस पहुंची।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि कैंट, खोराबार और एसओजी टीम ने बेहतर तालमेल कर तीन दिन के अंदर असल बदमाशों को गिरफ्तार कर चार लाख आठ हजार रुपये बरामद किया है। दो वांछित हैं, जिसके पास भी रुपये हैं। कुछ रुपये इन लोगों ने अपने घर में छठ पर्व पर खर्च कर दिए थे। डीआईजी ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।