गोरखपुर। अयोध्या में एसटीएफ और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू का सोमवार देर शाम उसके पैतृक गांव विधनापार में पुलिस निगरानी के बीच अंतिम संस्कार किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती रही।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भानु प्रताप का शव गांव पहुंचा, जिसके बाद घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सीमित लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया। इसमें उसके पिता मान सिंह, मां, चाचा राम सिंह, प्रधान प्रतिनिधि राम बहादुर सहित परिवार के कुछ सदस्य और करीबी लोग शामिल रहे। भानु प्रताप सिंह पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी माना जाता था। उसके खिलाफ गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, मऊ, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 41 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2023 से फरार चल रहा था।
रविवार देर रात अयोध्या के महराजगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ और पुलिस टीम के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ और मौत की खबर के बाद विधनापार गांव और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने पहले से ही एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।