गोरखपुर। जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब प्रभु अपने किसी ने किसी रूप में आकर के अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। ईश्वर को पाने का सबसे सरल माध्यम श्रीमद्भावत कथा का श्रवण है।
यह बातें विवेकानंद सेवा मिशन की ओर से दुर्गा मंदिर जगन्नाथपुर में आयोजित श्रीमद्भावगत कथा के दूसरे दिन कथाव्यास पंडित अरुणेश मिश्रा ने कही। इससे पूर्व कथा की शुरुआत गो माता की आरती से हुई। मुख्य यजमान शशांक त्रिपाठी ने व्यासपीठ और गो माता का माल्यार्पण किया। इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, संयोजक स्वामी डॉ. विनय, रुक्मणी पांडेय, सुशीला विश्वकर्मा, केके रावत, गोपाल धर द्विवेदी, विनोद यादव, मार्कंडेय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। संवाद