श्रीमद्भागवत कथा में शामिल लोग।
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संत राधा बाबा के 108वें जन्मोत्सव पर गीता वाटिका में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन बृहस्पतिवार को वृंदावन से आए कथा व्यास मदन मोहन दास जी महाराज ने कथा का रसपान कराया। व्यासपीठ से कहा कि सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में अनेकानेक बाल लीलाएं कीं, जो वात्सल्य भाव के उपासकों के चित्त को अनायास ही आकर्षित करती हैं। जो भक्तों के पापों का हरण कर लेते हैं, वही हरि हैं।
कथा व्यास ने कहा कि नंदालय में गोपियों का तांता लगा रहता है। हर गोपी भगवान से प्रार्थना करती है कि किसी न किसी बहाने कन्हैया मेरे घर पधारें। जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ प्रीति है, वही जीवन्मुक्त है। एक बार माखन चोरी करते समय मैया यशोदा आ गईं तो कन्हैया ने कहा कि मैया तुमने इतने मणिमय आभूषण पहना दिए हैं जिससे मेरे हाथ गर्म हो गए हैं तो माखन की हांडी में हाथ डालकर इन हाथों को शीतलता प्रदान कर रहा हूं।
लीला का मंचन देख भाव विभोर हुए दर्शक
राधा बाबा जन्मोत्सव के अंतर्गत गीता वाटिका में हो रहे रास लीला में वृंदावन से आए स्वामी श्रीरामजी शर्मा की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रास मंडली द्वारा प्रिया-प्रियतम के रास नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद गीता जयंती लीला का प्रस्तुतीकरण हुआ जिसे देख दर्शक भाव विभोर हो गए।