उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय विकास निगम ने 1995 से 2008 के बीच टर्म लोन, मार्जिन मनी, ब्याज रहित ऋण और शैक्षिक ऋण योजना के अंतर्गत जिले में 638 अल्पसंख्यकों (मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, पारसी व बौद्ध) ने 2.26 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
वर्ष 1995 से 2008 के बीच अल्पसंख्यक विभाग से लोन लेकर लोन नहीं चुकाने वाले लोगों पर अब सख्ती होने जा रही है। अल्पसंख्यक विभाग बकायेदारों के घरों पर लोन की रिकवरी के लिए नोटिस भेज रहा है। नोटिस के बाद भी लोन की बकाया धनराशि जमा नहीं करने पर बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय विकास निगम ने 1995 से 2008 के बीच टर्म लोन, मार्जिन मनी, ब्याज रहित ऋण और शैक्षिक ऋण योजना के अंतर्गत जिले में 638 अल्पसंख्यकों (मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, पारसी व बौद्ध) ने 2.26 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन, लोन लेने के बाद अधिकतर अल्पसंख्यकों ने लोन चुकाया नहीं।
ऐसे में ब्याज सहित लोन की बकाया धनराशि बढ़कर लगभग 10 करोड़ रुपये पहुंच गई है। ब्याज सहित बकाया धनराशि अधिक होने पर अल्पसंख्यक विभाग के मुख्यालय ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी से रिकवरी तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद विभाग ने रिकवरी के लिए सख्ती बढ़ा दी है। लोन लेने वालों को कार्रवाई से बचने के लिए बकाएदारों को अल्पसंख्यक विभाग में बकाया जमा करने के बाद नो-ड्यूज लेना पड़ेगा।
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नए लोगों को नहीं मिल पा रहा लोन
अल्पसंख्यक विभाग अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए लोन की सुविधा देता है, लेकिन लोन नहीं चुकाने वाले बकायेदारों की संख्या और धनराशि अधिक होने के कारण नए लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग का कहना है कि जबतक पुराने लोन की रिकवरी नहीं हो जाती नए लोगों को लोन दे पाना संभव नहीं है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि अल्पसंख्यक विभाग से लोन लेने वाले 638 बकायेदारों पर लगभग 10 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुख्यालय से रिकवरी तेज करने का निर्देश मिल हैं। इसके बाद बकायेदारों के घरों पर नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस के बाद भी बकाया नहीं चुकाने वालों के खिलाफ आरसी जारी कराई जाएगी।