असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले 45 तरह के कामगारों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें सिर्फ एक बार 60 रुपये देकर पंजीयन कराने पर पांच साल के लिए प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा।
उप श्रम आयुक्त अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि निर्माण श्रमिकों को छोड़कर 45 प्रकार के नियोजन में कार्य करने वाले श्रमिकों का पंजीयन हो रहा है। जिसमें श्रमिक द्वारा एक एक बार 60 रुपये जमा कराकर अपना पंजीयन कराया जा सकता है।
बताया कि वर्तमान में बोर्ड द्वारा दो योजनाए संचालित है। इनमें पहली योजना मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत कामगारों एवं उनके परिजनों को पांच लाख रूपये तक कैशलेश इलाज की निशुल्क सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं दूसरी योजना मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना है, इस योजना के अंतर्गत कामगार की दुर्घटनावश मृत्यु अथवा दिव्यांगता होने पर अधिकतम दो लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना में पंजीकरण किसी भी जनसेवा केंद्र, साइबर कैफे या किसी अन्य माध्यम से भी पोर्टल www.upssb.in पर किया जा सकता है।
ये असंगठित कामगार हैं पात्र
समाचार पत्र वितरक, धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाला, हाथ ठेला चलाने वाला, फुटकर फल सब्जी विक्रेता, चाय व चाट ठेला लगाने वाला, फुटपाथ व्यापारी, कुली, लाईट उठाने वाले, केटरिंग का कार्य करने वाला, फेरी लगाने वाले, मोटर साईकिल व साईकिल मरम्मत करने वाला, गैरेज कर्मकार, ऑटो चालक, सफाई कामगार, ढोल व बाजा बजाने वाला, टेंट हाउस में कार्य करने वाला, मछुआरा, तांगा व बैलगाड़ी चलाने वाला, अगरबत्ती बनाने वाला, भुजा बेचने वाला, पशुपालन, मत्सय पालन, मुर्गी व बत्तख पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में कार्य करने वाले, खेतिहर कर्मकार, चरवाहा, दूध दूहने वाला, नाव चलाने वाला, नट-नटनी, रसोईया, ठेका मजदूर, सूत, रंगाई, कताई, धुलाई आदि का कार्य करने वाले, दरी, कंबल, जरी, जरदौजी, चिकन कार्य, मीटशाप व पोल्ट्री फार्म पर कार्य करने वाले, कांच की चूड़ी एवं अन्य कांच उत्पादों में स्वरोजगार कार्य करने वालें कर्मकारों एवं डेयरी पर कार्य करने करने वाले योजनाओं के पात्र होंगे।
ये दस्तावेज हैं जरूरी
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक
- फोटो