मधुमक्खी पालन में सरकारी सहायता पाने के लिए
upagriculture.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस वेबसाइट को खोलने के बाद पारदर्शी किसाना सेवा योजना के नाम से पेज खुलेगा। इस पेज पर कृषक पंजीकरण विकल्प का चयन करें। फिर उद्यान विभाग का विकल्प आएगा। जहां पर आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
मधुमक्खी पालन के लिए 90 हजार रुपये तक मिलती है सब्सिडी
एक बॉक्स को लगाने में चार से पांच हजार रुपये खर्च आता है। हरेक डिब्बे के लिए 800 रुपये और मधुमक्खी कॉलोनी के लिए 800 रुपये यानी कुल 1600 रुपये सब्सिडी एक बाक्स पर मिलेगी। अगर कोई किसान मधुमक्खी पालन के लिए 50 बॉक्स लगाता है, तो कुल 80 हजार रुपये बॉक्स और मधुमक्खी के लिए सब्सिडी मिलती है।
वहीं 10 हजार रुपये की सब्सिडी अन्य कार्य के लिए दी जाती है। अभी इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन रसीद की पावर्ती रसीद उद्यान विभाग में जमा करना होगा। विस्तृत जानकारी उद्यान विभाग के दफ्तर से ली जा सकती है।
जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि कृषि विभाग केंद्र चौकमाफी पीपीगंज में मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। यहां पर 7 से 15 दिन का प्रशिक्षण लेकर मधुमक्खी पालन का काम शुरू किया जा सकता है। पीपीगंज के मधुमक्खी पालक राजू सिंह से बॉक्स और मधुमक्खी खरीद सकते हैं।
लाभार्थी बोले
हाइग्रोथ एग्रो इंटरप्राइजेज प्रोपराइटर एवं मधुमक्खी पालक राजू सिंह ने कहा कि मात्र दो बॉक्स से मधुमक्खी पालन शुरू करके आज 600 बॉक्स का काम कर रहे हैं। मधुमक्खी समेत एक बॉक्स पर कुल चार से पांच हजार रुपये का खर्च आता है। एक बॉक्स से सालाना 50 किलो शहद का उत्पान हो सकता है।
ऐसे में अगर एक लाख रुपये की लागत से 20 बॉक्स लगाकर मधुमक्खी पालन शुरू करेंगे तो सालाना तीन लाख रुपये तक कमा सकते हैं। बॉक्स को लगाने में कुछ सावधानी की जरूरी है। ऐसे स्थान पर बॉक्स लगाना चाहिए जहां गर्मी के दिनों में छाया, ठंड के दिनों में धूप, सड़क से दूर हो। आसपास बिजली के हाईटेंशन तार के अलावा मोबाइल टावर न हो।