गोरखपुर। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी की ओर से आयोजित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का परिणाम मंगलवार को घोषित हो गया। साथ ही बीएड कॉलेज अपने तंत्र को सक्रिय करने में जुट गए हैं। अभ्यर्थियों के साथ ही कॉलेजों की भी निगाहें अब काउंसिलिंग पर हैं।
डीडीयू के अलावा गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगनर के कुल चार महाविद्यालयों में ही वित्तपोषित माध्यम से बीएड की पढ़ाई होती है। इसके अलावा 95 कॉलेजों में स्ववित्तपोषित माध्यम से बीएड की पढ़ाई होती है। कम शुल्क और अधिक सुविधाओं के कारण वित्तपोषित कॉलेज ही अभ्यर्थियों की पसंद होते हैं।
परीक्षा परिणामों में बेहतर रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों ने डीडीयू समेत वित्तपोषित बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। जिनको कम रैंक मिली है, वह अपने लिए स्ववित्तपोषित कॉलेज में बेहतर विकल्प तलाशेंगे। मंगलवार की शाम से ही इसे लेकर अभ्यर्थी अपने लिए बेहतर विकल्प तलाश रहे हैं।
स्ववित्तपोषित कॉलेज प्रबंधक महासभा के महामंत्री डॉ. सुधीर राय ने बताया कि इस बार भी अच्छी संख्या में अभ्यर्थियों ने बीएड में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। उम्मीद है कि शुरुआती चरण की काउंसिलिंग में ही सीटें भर जाएंगी।