बड़हलगंज क्षेत्र में यजमानों और बधाई वसूली के वर्चस्व को लेकर किन्नर समाज के दो गुटों के बीच जारी विवाद बुधवार को बड़हलगंज कोतवाली परिसर में सार्वजनिक अखाड़े में तब्दील हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों से दर्जनों बोलेरो व कारों के काफिले से करीब 400 किन्नर कोतवाली में उतर पड़े।
परिसर में ही आमने-सामने आए दोनों गुटों ने ताली बजाकर अपनी गुप्त भाषा में एक-दूसरे को अपशब्द कहना शुरू कर दिया, जिससे भारी पुलिस बल के सामने ही हिंसक संघर्ष और मारपीट जैसी गंभीर स्थिति बन गई। सुबह 10 बजे से ही कोतवाली परिसर में किन्नरों का जुटना शुरू हो गया था।
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्ष आर-पार के मूड में दिखे और कोतवाली परिसर में हंगामे के चलते हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता और संभावित बड़े बवाल को भांपते हुए कोतवाल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला और कड़ा रुख अपनाते हुए पहले उग्र हो रहे किन्नरों को तितर-बितर कर माहौल संभाला।
चेंबर में चली हाई-वोल्टेज पंचायत, ऐसे हुआ बंटवारा
मामले को शांत कराने के बाद पुलिस ने दोनों गुटों के मुखियाओं को चेंबर में तलब किया। बड़हलगंज पक्ष से लल्लन व बिजली किन्नर तथा देवरिया पक्ष से सरोजा व कोमल किन्नर को आमने-सामने बैठाकर वार्ता शुरू की गई। बड़हलगंज के किन्नर लल्लन द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाल ने दोनों पक्षों की बात सुनी और बीच का रास्ता निकालते हुए सीमा तय की।
समझौते के तहत देवरिया क्षेत्र के किन्नरों को बड़हलगंज की सीमा स्थित 'डेरवा' तक के यजमानों को डील करने का अधिकार दिया गया, जिसके बाद जाकर दोनों पक्ष शांत हुए। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, बधाई और यजमानी वसूली के इलाकों को लेकर दोनों गुटों में कई दिनों से खींचातान चल रही थी। पुलिस के इस त्वरित हस्तक्षेप और लिखित-मौखिक समझौते के बाद फिलहाल कई दिनों से जारी इस हाई-वोल्टेज ड्रामे पर विराम लग गया है।
क्षेत्र को लेकर दोनों गुटों में लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो कभी भी हिंसक रूप ले सकता था। फिलहाल देवरिया पक्ष की किन्नर सरोजा को डेरवा तक की सीमा देकर अस्थाई रूप से मामला शांत कराया गया है। सरोजा जिस दिन अपना गुरु तय कर लेंगी, उस दिन नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा:अतुल कुमार श्रीवास्तव, कोतवाल