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यूपी: बेटी बनाती थी संबंध, बाप करता था ये काम, वकील देता था साथ; थानेदार के सुसाइड में सनसनीखेज का खुलासा

Mon, 07 Sep 2026 03:36 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती

सार

यूपी के बस्ती में हनीट्रैप का एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपियों ने थानेदार को फंसाकर एक करोड़ रुपये मांगे थे। पुलिस ने बाप-बेटी और वकील को गिरफ्तार किया है।
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Basti SHO Suicide Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बस्ती के वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर निजी पलों का वीडियो बनाया था। इसके बाद उनसे एक करोड़ रुपये मांगे जा रहे थे। मामले में पुलिस ने महिला, उसके पिता और एक अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है।
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29 अगस्त को सूर्य प्रकाश सिंह का शव बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। वे मूलरूप से आजमगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भीलमपुर छपरा के निवासी थे। थानेदार के मोबाइल फोन की जांच के बाद तीन आरोपियों को चिह्नित किया था। इनमें पैकोलिया के बावनपार व हालपता वाल्टरगंज के गंधार निवासी प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और पैकोलिया क्षेत्र के पिपरा काजी निवासी अधिवक्ता विजय प्रकाश शामिल थे।
 

शनिवार की देर रात थानेदार के बेटे संदीप सिंह की तहरीर पर तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके रविवार की सुबह करीब 07:55 बजे सदर अस्पताल के पास से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से बोलेरो व तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

घटना का खुलासा करते हुए डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी (32) का उसके पति से 10 साल पहले से ही अलगाव हो गया है। वह मुंबई में रहकर ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटरों में काम करती है और पैसे वाले व्यक्तियों को अपने शारीरिक मोह जाल में फंसाकर उनका वीडियो-ऑडियो बनाकर उन्हें हनीट्रैप के जरिये वाटस्एप/वीडियो कॉल करके व चैटिंग करके ब्लैकमेल करती है। इसके जरिये उनसे पैसे की डिमांड की जाती थी।

जाल में फंसाए हुए ग्राहकों को वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नस काटकर खून निकलता हुआ दिखाकर भावनात्मक रूप से भयभीत किया जाता था और मोटी रकम मांगी जाती थी। इस काम में उसका पिता रामनयन और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव साथ देता था। हनीट्रैप में फंसाए गए व्यक्तियों से वसूली करने में अधिवक्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था, जिसमें से उसे भी हिस्सा मिलता था।

मकान मालिक समेत तीन अन्य को बनाया था शिकार
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रियंका और रामनयन वाल्टरगंज निवासी डॉ. उमेश के घर में किराये पर रहते थे। दोनों ने मिलकर उन्हें भी शिकार बनाया और चार लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके अलावा अपने चालक अहमद रजा से पांच लाख और मध्य प्रदेश निवासी आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से 15 लाख रुपये भी ब्लैकमेल करके लिए गए। 
 

इसी तरह आरोपी महिला ने थानेदार से भी संबंध बनाकर उनकी निजी वीडियो बनाई थी। बाद में स्वयं के आत्महत्या करने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे निरंतर दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार दर्जनों अन्य लोगों के भी इस जाल में फंसे होने की जानकारी मिली है।

अधिवक्ता ने की थी आखिरी कॉल
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश ने सूर्य प्रकाश सिंह को अंतिम कॉल की थी। आरोपियों ने उन्हें रकम को लेकर बातचीत और समझौते के लिए बुलाया था। उन्हें यह भी कहा गया था कि पैसे नहीं देने पर महिला आत्महत्या कर लेगी। एक करोड़ रुपये की मांग और लगातार मानसिक दबाव से सूर्य प्रकाश सिंह परेशान थे। इसी कॉल के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।

दो साल पहले खरीदी थी बोलेरो, जब्त होगी अवैध संपत्ति
पुलिस के मुताबिक, करीब दो वर्ष पहले प्रियंका ने हनीट्रैप से वसूली गई रकम से बोलेरो खरीदी थी। कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने रविवार सुबह 7:55 बजे तीनों आरोपियों को दबोचा है। उनके कब्जे से बोलेरो व तीन मोबाइल बरामद हुए।
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डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि हनीट्रैप से अर्जित की गई उनकी संपत्तियां खंगाली जा रही हैं। अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस मौके पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह व अन्य मौजूद रहे।
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