गोरखपुर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार की अदालत ने आरोपी प्रेमशंकर उर्फ गरीब को दोषी करार देते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय और अतुल शुक्ला ने अदालत को बताया कि घटना एक अगस्त 2012 की है। सहजनवां थाना क्षेत्र के वीके रानीपुर निवासी आरोपी प्रेमशंकर उर्फ गरीब ने दिन में करीब एक बजे वादी की 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। मामले में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।