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Gorakhpur News: नौ साल की ज्योति बनी इकलौती गवाह, आंखों के सामने उजड़ गया था परिवार

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बांसगांव ट्रिपल मर्डर: मां-पिता और तीन साल के भाई की हत्या का देखा दर्दनाक मंजर
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ज्योति की चीख और गुहार भी नहीं रोक सकी अपनों का कत्ल

गोरखपुर। बांसगांव में ट्रिपल मर्डर की गवाह नौ साल की ज्योति है। वह उस खौफनाक रात की इकलौती गवाह बनी, जब उसकी आंखों के सामने हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया। ज्योति ने इस वारदात में अपनी मां रंजना, पिता अमित गुप्ता और तीन साल के छोटे भाई रेयांश को हमेशा के लिए खो दिया। उस रात का डर आज भी उसके शब्दों और आंखों में साफ दिखाई देता है। पुलिस ने उसका वीडियो बयान दर्ज कर लिया है। जल्द ही कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा।

ज्योति ने पुलिस के सामने दिए गए बयान में बताया कि वारदात वाली रात वह अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ कमरे में सो रही थी। अचानक तेज आवाज से उसकी नींद खुल गई। आंखें खुलीं तो देखा कि पिता उसके ऊपर गिरे हुए थे और चाचा उन पर हमला कर रहे थे। यह देखकर वह डर गई और कमरे के एक कोने में छिप गई। इसके बाद आरोपी ने उसकी मां पर हमला किया। कुछ देर बाद तीन साल के रेयांश को भी गोद में उठा लिया।
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वारदात के बाद धुरंधर फिल्म का गाना सुन रहा था आरोपी
ज्योति ने पुलिस को बताया कि उसकी आंखों के सामने मम्मी-पापा खून से लतपथ पड़े थे। उसने रोते हुए गुहार लगाई-चाचा! मेरे बाबू को छोड़ दीजिए... लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। कुछ ही देर में कमरे में चीखों की जगह खामोशी छा गई और ज्योति की आंखों के सामने उसका पूरा परिवार खत्म हो गया। वारदात के बाद आरोपी ज्योति के पास पहुंचा और धमकाते हुए कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो उसका भी यही हाल कर देगा। डरी हुई बच्ची चुप रही। इसके बाद आरोपी घर में नहाया, कपड़े बदले और छत पर जाकर मोबाइल में धुरंधर फिल्म का गाना सुनने लगा।

दादी पहुंचीं तो बेड पर मिलीं तीन लाशें
डरी-सहमी ज्योति किसी तरह अपने दादा-दादी के पास पहुंची और पूरी घटना बताई। पोती की बात सुनकर दादी अनिता देवी उसके साथ कमरे में पहुंचीं। कमरे का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेड पर बेटे, बहू और पोते के शव पड़े थे। यह देखते ही दादी बेहोश हो गईं। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। करीब 20 मिनट के भीतर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। ज्योति ने पुलिस को बताया कि आरोपी छत पर मौजूद है। पुलिस जब सीढ़ियों से ऊपर जाने लगी तो रास्ता बंद मिला। इसके बाद पुलिस पड़ोसी के घर की छत से पहुंची, जहां आरोपी मिल गया।
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अब कौन कहेगा डॉक्टर बनना...
इस घटना ने ज्योति से उसका पूरा बचपन और परिवार छीन लिया। मासूम ने बताया कि उसके माता-पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे। पिता हमेशा कहते थे कि पढ़-लिखकर उनका नाम रोशन करना। अब वही बच्ची सोचकर रो पड़ती है कि उसके सपनों को पूरा करने के लिए उसे आगे बढ़ाने वाला कौन होगा। जिस घर में कभी खुशियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ मातम और सन्नाटा है। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि बच्ची का बयान वीडियो में दर्ज कर लिया गया है। न्यायालय में भी उसका बयान दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार जल्द ही आरोप पत्र दाखिल कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
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