जेल के बंदीरक्षक बॉडी वार्न कैमरा लगाकर करेंगे ड्यूटी
गोरखपुर। अब बंदियों के पल-पल की हरकतों की निगरानी जेल प्रशासन करेगा। शासन ने बंदीरक्षकों को बॉडी वार्न कैमरा लगाकर ड्यूटी करने की व्यवस्था बनाई है। पहले चरण में यह व्यवस्था गोरखपुर, लखनऊ समेत दस जिलों की जेलों में शुरू की जाएगी। जल्द ही बॉडी वार्न कैमरा जेल प्रशासन को मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, जिला जेल में करीब 1900 बंदी हैं। आए दिन बंदी आपस में और जेलकर्मियों से विवाद करते हैं। कई बार यह विवाद बड़ा रूप ले लेता है और कार्रवाई करने व जांच में दिक्कत आती है। कुछ बंदी अन्य बंदियों को उकसाते हैं और गुटबाजी करते हैं। जिसके आरोप में कई बंदियों को दूसरी जेल में शिफ्ट करना पड़ता है। इसे देखते हुए शासन ने बंदीरक्षकों व जेलकर्मियों को बॉडी वार्न कैमरा लगाकर ड्यूटी करने की व्यवस्था बनाई है। इससे बंदियों की हरकतें कैमरे में कैद होंगी। साथ ही बंदी से कौन-कौन मिला, इसकी भी निगरानी की जाएगी। वे कब क्या कर रहे हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
मनोचिकित्सक फुटेज के जरिए जांचेंगे बंदियों का व्यवहार
कैमरे की रिकार्डिंग देखने के लिए जेल में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसमें एक ऑपरेटर रहेगा जो मॉनीटरिंग करेगा। रिकार्डिंग को मनोचिकित्सक व एक्सपर्ट भी समय-समय पर देखेंगे और पता लगाएंगे कि किस बंदी का व्यवहार कैसा है। जेलकर्मी को ड्यूटी के दौरान कैमरा ऑन रखना होगा। केवल विशेष परिस्थितियों में वाशरूम आदि जाने पर कंट्रोल रूम को बताकर कैमरा बंद कर सकेंगे। अभी तक जेलों में सीसीटीवी कैमरे की मदद से एक रूम में एलसीडी लगाकर निगरानी हो रही है, जो पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
तैयारियां की जा रही हैं। अभी कैमरे आए नहीं हैं। आते ही निगरानी की नई व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. रामधनी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक