गुटखा, सिगरेट या किसी अन्य नशे की आदत है तो इसे सुधार लें नहीं तो आने वाले समय में जेब ढीली करने पर भी यह नहीं मिलने वाली है। इसके निर्माण की पाबंदी पर रोक बढ़ाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में शहर में अभी तो पुराने बचे गुटखा, सिगरेट तीन गुने दामों में बेचे जा रहे हैं, कुछ दिनों बाद वह भी मिलना मुश्किल होगा।
आलम यह है कि गुटखा के शौकीन लोग शाम होते ही गलियों में मंडराने लगते हैं और फिर गुटखा की दुकान के पास ही दुकानदार अपने घर से लाकर सामान उपलब्ध करा रहे मगर कीमत तीन गुनी देनी पड़ रही है।
शहर हो या देहात, कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां पर गुटखा, सिगरेट पर पाबंदी के बाद उपलब्ध ना हो। हां, इतना जरूर है कि थोड़ा खोजना पड़ रहा है और कीमत भी तीन गुनी तक चुकानी पड़ रही है।
कोरोना महामारी को देखते हुए इस पर लगी पाबंदी को बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमित व्यक्ति के थूकने से यह बीमारी पांव पसार सकती है। फिर इसका इस्तेमाल कौन कर रहा है इसकी जांच तो संभव नहीं है इस वजह से इसकी पाबंदी को बढ़ाए जाने पर चर्चा चल रही है।