प्रशिक्षण के बाद कॉमन फैसिलिटी सेंटर में बांस के उत्पाद बनने शुरू हो जाएंगे। दूसरे प्रदेशों को बांस के फर्नीचर सप्लाई किए जाएंगे। गोरखपुर में हैंडीक्राफ्ट के साथ सूप-डलिया तैयार किया जाएगा। झांसी में बांस की लाठी तैयार करने की योजना है। लाठियां पुलिस विभाग को बेंची जाएंगी। साथ ही बांस की कीलें बनाईं जाएंगी। लोहे की कील में एक साल में जंग लग जाता है, जबकि बांस की कील करीब पांच साल तक चलती है।
एक हेक्टेयर में बना है वन चेतना केंद्र
लक्ष्मीपुर ग्राम सभा की जमीन पर 2008 में वन चेतना केंद्र का निर्माण शुरू किया गया था, जोकि साल 2012 में बनकर तैयार हो गया था। एक हेक्टेयर में तैयार इस केंद्र का अभी तक कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है।