रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लिए थे रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपया हड़पने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सुबोध वार्ष्णेय ने शाहपुर थाना क्षेत्र के लिटिल फ्लावर स्कूल के पास, मोती पोखरा निवासी आरोपी किस्टीना की जमानत अर्जी अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्र एवं राम प्रकाश सिंह का कहना था कि वादी राजेश कुमार सिंह की दुकान पर आरोपी किस्टीना पत्नी अशोक कुमार सिंह का आना जाना था। किस्टीना मेडिकल काॅलेज में हेड नर्स है और उसका पति स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी है। दोनों ने बताया कि उनके एक परिचित सूर्य प्रताप मल्ल रेलवे में मंत्री कोटा से नौकरी लगवाते हैं।
वादी उन दोनों के बहकावे में आकर पत्नी रेनू सिंह की नौकरी रेलवे में लगवाने के लिए अपने खाते से जरिए आरटीजीएस से कुल पांच लाख 93 हजार रुपये आरोपी किस्टीना के खाते में ट्रांसफर किया और 55 हजार रुपये सूर्य प्रताप मल्ल के खाते में ट्रांसफर किया।
इस प्रकार वादी ने आरोपियों को कुल छह लाख 48 हजार रुपये दिए। कुछ दिन बाद सूर्य प्रताप मल्ल ने वादी के मोबाइल पर रेलवे बोर्ड की लिस्ट भेजी और बताया की आपकी पत्नी की नौकरी स्टेशन मास्टर के पद पर लग गई है और लखनऊ के चंद्रा अस्पताल में मेडिकल होना है। वहां पहुंचने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है और आरोपियों ने बहुत से लोगो के साथ ठगी, धोखाधड़ी और कूट रचना कर करीब 56 लाख रुपया हड़प लिया है।