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हार्वर्ड और कैम्ब्रिज से नहीं, स्थानीय युवाओं, किसानों और शिल्पकारों को जोड़कर होगा पूर्वांचल का विकासः योगी

Thu, 10 Dec 2020 09:17 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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CM yogi - फोटो : अमर उजाला।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल के बारे में गलत सोच विकसित की गई। इसे गरीब और पिछड़ा बताया गया। जवाबदेही से बचने के लिए अकादमिक संस्थाओं ने पल्ला झाड़ लिया और पूर्वांचल पर पिछड़पेन का ठप्पा लगा दिया। जबकि प्रकृति और परमात्मा ने इसे धरती का सबसे समृद्ध क्षेत्र बनाया है। उर्वर भूमि, नदियां, मानव संसाधान सब कुछ यहां है। इनके आधार पर हम पूर्वांचल को देश का समृद्धतम क्षेत्र बनाएंगे। यहां विकास हार्वर्ड और कैम्ब्रिज नहीं करेंगे बल्कि यहां के युवाओं, किसानों और शिल्पकारों को जोड़कर करना होगा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं नियोजन विभाग द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित "पूर्वांचल का सतत विकास: मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा" विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामर्थ्य और क्षमता को पहचानने की कोशिश नहीं हुई। हमने यहां विकास कराने की चुनौती को स्वीकार किया। वर्ष 2017 के बाद यहां की तस्वीर बदलने लगी है। तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय संगोष्ठी पूर्वांचल के विकास को एक नई दिशा देगी।

हर जिले की खूबी को ब्रांड बनाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की एक खूबी है। 57 जिले चिन्हित किए गए। मुरादाबाद का पीतल कारोबार, वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, अलीगढ़ का हार्डवेयर, सिद्धार्थनगर कालानमक की तरह हर जगह की खूबी को ब्रांड बनाने के लिए हमने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की। आज यह देश की सर्वाधिक लोकप्रिय योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को इसी योजना के जरिए साकार होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भगवान राम, बुद्ध, अधिकांश जैन तीर्थंकर, क्रियात्मक योग के जनक गुरु गोरखनाथ की धरती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन कुंभ होता है। हाल में हुए कुंभ की दिव्यता, भव्यता और विशालता को पूरी दुनिया ने देखा था। दुनिया के सबसे बड़े महाकाव्य रामायण की रचना यहीं हुई थी। दीपावली यहीं के अयोध्या की है तो देव दीपावली काशी की। भगवान बुद्ध से जुड़े 6 स्थलों में 5 पूर्वी उत्तर प्रदेश में हैं। पूर्वांचल में स्प्रिचुअल, इको, हेरिटेज टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। अब हर व्यक्ति को योजक बनने के लिए तैयार रहना होगा।
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हमें सफेद हाथी नहीं बनना बल्कि नतीजे चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सफेद हाथी नहीं खड़े करने हैं बल्कि नतीजे देने हैं। योजनाएं एसी रूम में बैठकर नहीं, स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञों से मिलकर वहां की जरूरतों के अनुसार बनानी होंगी। एसी रूम में बैठकर बिहार चुनाव में बने एग्जिट पोल के नतीजे सबके सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि सरकार बेहतर कानून व्यवस्था, विश्व स्तरीय बुनियादी सुविधाओं और नीतियों के जरिए हर संभव मदद कर रही है।

आधुनिकता के पीछे भागे तो शुरू हुआ पलायन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आबादी 24 करोड़ है। हमारे गांव सदैव आत्मनिर्भर रहे। लेकिन हम यहां की स्थानीयता पर ध्यान न देकर आधुनिकता के पीछे भागने लगे। पलायन शुरू हो गया और पिछड़ेपन का ठप्पा लगता गया। बागवानी और कृषि को आपूर्ति का माध्यम बना सकते हैं। इससे रोजगार मिलेगा और आत्मनिर्भर बनेंगे।

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