फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ निगरानी के लिए बनीं 90 अस्थाई चौकियां

विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ निगरानी के लिए बनीं 90 अस्थाई चौकियां
विज्ञापन

संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद नदियों का जल स्तर में हो रहे बदलाव और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है।
बाढ़ की निगरानी के लिए जिले में 90 अस्थाई बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। इसमें एक दरोगा, दो कांस्टेबल और एक राजस्व कर्मी को तैनात किया गया है। बाढ़ की स्थित में ये लोग अपनी- अपनी चौकी का जिम्मा संभालेंगे।
जनपद नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यहां हर वर्ष बाढ़ तबाही लेकर आती है। बारिश के बाद नेपाल के नदियों से आने वाले पानी से जल स्तर बढ़ता है और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पिछले दिनों हुई बारिश में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और बाढ़ को लेकर लोग सशंकित हो गए। हालांकि अब जलस्तर में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं बाढ़ से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। बाढ़ की निगरानी के लिए अस्थाई चौकियां बना दी गईं हैं। अस्थाई चौकी के रूप में पंचायत भवन, सहकारी समिति और अन्य सरकारी भवन का चौकी के रूप में उपयोग किया जाएगा। इस पर एक दरोगा और दो कांस्टेबल और राजस्वकर्मी को तैनात किया गया है। यह स्थिति के अनुसार बाढ़ चौकी के लिए चिह्नित स्थानों पर तैनात हो जाएंगे और जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। ये क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बचाव की जानकारी भी देंगे। समय-समय पर संबंधित अधिकारी के संपर्क में रहकर उन्हें जानकारी देंगे। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए अस्थाई बाढ़ चौकी को चिह्नित कर कर्मियों को नामित कर दिया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन

इतनी चौकियां गठित
बाढ़ से निपटने और निगरानी के लिए पुलिस विभाग की स्पेशल 19 अस्थाई बाढ़ चौकी बनी है। पुलिस और प्रशासन की 71 संयुक्त चौकी बनी है। कुल 90 अस्थाई चौकी काम करेंगी। इसमें दरोगा, कांस्टेबल और राजस्वकर्मी सहित चार लोगों ड्यूटी करेंगे।
जिले में 1200 अधिक है गांव रहते हैं बाढ़ से प्रभावित
आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 1200 से अधिक गांव बाढ़ से हर वर्ष प्रभावित होते हैं। लोटन, शोहरतगढ़, मोहाना, सदर, उसका, बांसी, जोगिया, इटवा, मिश्रौलिया, खेसरहा, बांसी, त्रिलोकपुर, डुमरियागंज थाना क्षेत्रों में बाढ़ का असर अधिक रहता है।
---
राहत वितरण के लिए नामित हैं 42 कैंप
बाढ़ आने पर लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए और उन तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। इसके लिए 42 राहत वितरण केंद्र बने हैं जो समय आने पर अपना काम करेंगे। वहीं बाढ़ से घीरे लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाने के लिए 30 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं जो समय के साथ सक्रिय कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन

थानावार दी जाएंगी पांच-पांच लाइफ जैकेट
बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने और खुद की सुरक्षा के लिए सभी थानों को पांच-पांच लाइफ जैकेट दिया जाएंगी। जो बाढ़ पीड़ितों को बचाने में काम आएगी। इसी प्रकार 72 गोताखोरों को नामित किया गया है, जिन्हें विशेष पुलिस अधिकारी का नाम दिया गया है। इन्हें भी लाइफ जैकेट दी जाएगा, जिससे किसी डूबते हुए को बचाते समय परेशानी न हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें