घायल उत्कर्ष ने भाई के जरिये पुलिस को जो सूचना दिलाई थी उसमें बताया था कि कुसम्ही जंगल में लूट में असफल होने पर बदमाशों ने उसे गोली मारी है। फिर पुलिस ने जांच शुरू की तो उसने बताया कि रजही के पास गोली मारी गई है। दो बार अलग-अलग बयान आने के बाद ही पुलिस को संदेह हो गया था और फिर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने तीसरा और सही बयान दिया कि बेतियाहाता में दोस्त मयंक के तमंचे से उसे गोली लगी है।
सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने कहा कि उत्कर्ष को गोली दोस्त मयंक के तमंचे से लगी है। उसने पुलिस को गुमराह करते हुए गलत सूचना दी जो जांच में पूरी तरह से झूठी पाई गई है। उत्कर्ष के पिता की तहरीर पर मयंक के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपित की तलाश की जा रही है।