राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत संविदा आयुष चिकित्सकों ने सोमवार को मांगों के समर्थन में जिला अस्पताल समेत सीएचसी व पीएचसी पर काला फीता बांधकर विरोध जताया। चिकित्सकों के कहना है कि अगर यह मांगे नहीं मानी गई तो इस बार सभी चिकित्सक होम आइसोलेशन में चले जाएंगे।
आयुष चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान में 40,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि एलोपैथिक चिकित्सकों का मानदेय 70,000 है। राज्य सरकार के अधीन काम कर रहे, एमओसीएच संविदा आयुष चिकित्सकों का मानदेय भी 60,000 है। लेकिन, एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सक को पद के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
इससे संविदा आयुष चिकित्सकों में नाराजगी है। आयुष चिकित्सकों ने महामारी में फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर के रूप में स्क्रीनिंग, सैंपलिंग, मरीजों की होम आइसोलेशन में मेडिसिन किट देने के साथ मरीजों की स्थिति जानी। मांग की चिकित्सकों को 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाए। 50 लाख का कोविड-19 बीमा राशि समय से मिलें। संविदा आयुष चिकित्सक व उनके परिवार को निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा मिले। वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।