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आयशा के साथ हुए हादसे पर इन लोगों ने जताई चिंता, बोले- 'दहेज की मांग वाला निकाह न पढ़ाएं काजी'

Fri, 05 Mar 2021 10:14 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी और मुफ्ती मो. अजहर शम्सी। - फोटो : अमर उजाला।
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दीन-ए-इस्लाम में बढ़ती सामाजिक बुराइयों पर मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-शहर) व मुफ्ती मो. अजहर शम्सी (नायब काजी) ने चिंता जताई है। उन्होंने देश भर के सभी काजी व उलेमा-ए-किराम से कहा है कि जिस-जिस निकाह में दहेज की मांग, बैंड-बाजा, डीजे व आतिशबाजी हो उनके निकाह न पढ़ाएं। जुमा की तकरीरों में अवाम को जागरूक करें।

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उन्होंने कहा कि देखा जा रहा है कि निकाह के नाम पर गैर शरई कामों को अंजाम दिया जा रहा है। लड़की वालों से दहेज की मांग की जा रही है। जिसको किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। दहेज की नुमाइश पर भी रोक लगानी चाहिए।



कहा कि दहेज की मांग जैसी बुराई का उदाहरण हाल ही में गुजरात की आयशा के साथ हुआ हादसा है। दहेज की बिना पर गरीब लड़कियां घरों में बैठी हैं। अल्लाह के रसूल ने निकाह को आसान करने का हुक्म दिया। डीजे, ढोल-बाजे और आतिशबाजी दीन-ए-इस्लाम में नाजायज हैं। इसको सख्ती से रोका जाए।
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कहा कि इस मसले पर काजी और उलेमा-ए-किराम की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। जिसमें अपील की जाएगी कि उलेमा, काजी और मौलवी उर्स की महफिलों, जलसों व जुमे की तकरीरों में अवाम को जागरूक करें।

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