- आराजी संख्या 87, खाता संख्या 117, रकबा 0.328 हेक्टेयर, मकान संख्या 580 बी, बैनामा तिथि 8 मई 2017 किशुन कुमारी उर्फ पंडिताइन द्वारा मकान संख्या 580 बी के 1/3 भाग बैनामा राजीव गुप्ता दामाद को शेष मकान के लिए रेनू पत्नी संजय पुत्री हरीनाथ, सुनीता पत्नी राजीव पुत्री हरीनाथ निवासी 135 डी, बशारतपुर, शाहपुर।
- भवन संख्या 9 जे मोहल्ला भेड़ियागढ़ नगर निगम, संजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, भगवती गुप्ता सभी पंडिताइन के दामाद हैं।
- ग्राम हरसेवकपुर नंबर एक खतौरी 1427-32, खाता संख्या दो, गाटा संख्या 75, रकबा 2.913 हेक्टयर में राजीव गुप्ता के नामा से बैनामा जमीन।
गैंगस्टर के दो मुकदमे
किशुन कुमारी पर 15 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से दो गैंगस्टर के हैं। शाहपुर और राजघाट पुलिस ने गैंगस्टर का केस दर्ज किया था। इसके अलावा राजघाट, कोतवाली, शाहपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है।
कार व अन्य संपत्तियों का भी जुटाया जा रहा ब्योरा
पुलिस कार व अन्य संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। पता चला है कि किशुन कुमारी ने अपने कुछ रिश्तेदारों के नाम से भी कार व अन्य संपत्तियां खरीदी हैं। इनका कनेक्शन मिला तो इसे भी जब्त किया जाएगा।
जब बैकफुट पर आ गया था जीडीए
पंडिताइन के खिलाफ कार्रवाई की कवायद करीब एक महीने पहले भी पुलिस ने की थी। तब जीडीए से मदद भी मांगी गई थी। जीडीए ने नक्शा न होने का हवाला देकर बुलडोजर चलाने की तारीख तय कर दी थी। पुलिस ने मकान को खाली भी करा दिया था, लेकिन रातोंरात जीडीए बैकफुट पर आ गया। फिर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इसके बाद ही एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस की कार्रवाई को आगे बढ़ाया। नतीजा है कि गैंगस्टर के तहत बृहस्पतिवार को संपत्ति कुर्क कर दी गई।
किशुन कुमारी पर पहला केस मारपीट व हंगामे का 2002 में दर्ज हुआ था। इसके बाद नशे के कारोबार में संलिप्तता का मामला सामने आया। लिहाजा, कोतवाली और राजघाट थाने में केस दर्ज किया गया। वर्ष 2008 में ट्रांसपोर्ट नगर के एक मकान को जब्त किया गया था, लेकिन अपना काम नहीं बंद किया।
ठिकाना बदलकर शाहपुर के खरैया पोखरा में रहने लगी, लेकिन धंधा जस का तस चलता रहा। 31 अगस्त 2022 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। उसके ऊपर वर्ष 2017 में शाहपुर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। प्रभारी निरीक्षक शाहपुर रणधीर मिश्र ने आसपास के लोगों को कार्रवाई से अवगत कराया है।
अपराध से अर्जित 13.52 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई है। अब तक की एनडीपीएस एक्ट की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। गोरखपुर में स्मैक का धंधा किशुन कुमारी ने शुरू किया था। इससे तमाम युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो गई पुलिस अपराधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है, आगे भी इस तरह के अपराधियों पर ऐसी ही कार्रवाई होगी। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी