बीते दिनों टीका लगाने के बाद नवजात की मौत पर परिजनों की धमकी से डरीं
ओपीडी व अन्य कार्यालय में ताला बंद कर लगभग दो घंटे तक धरना प्रदर्शन, सुरक्षा की मांग
पादरी बाजार (गोरखपुर)। नवजात शिशु की टीका लगाने के बाद मौत पर परिजनों की धमकी से डरीं आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पीएचसी चरगांवा पर धरना-प्रदर्शन किया। ओपीडी व अन्य कार्यालय में ताला बंद कर लगभग दो घंटे तक धरना प्रदर्शन में उन्होंने सुरक्षा की मांग की।
धरना प्रदर्शन कर रही आशा किरन, अनुराधा, यशोदा, गीता, पूनम, आरती, जानकी, इंदू , नीलम आदि ने बताया कि पीएचसी के बीपीएम व अन्य स्टाप कोई सहयोग नहीं करते हैं। प्रथम टीका एएनएम ने लगाया और आरोपी आशा को बनाया जा रहा है। परिजनों के डर से आठ दिन से आशा घर नहीं जा रहीं हैं। पीएचसी प्रभारी डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि टीका लगने के दो दिन के बाद नवजात शिशु की मौत हुई है। गलत टीका नहीं लगाया गया था। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों की कोई गलती नहीं है।
यह है मामला
पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी टोला मीरगंज के करन निषाद ने आरोप लगाया है कि उनके तीन माह के नवजात शिशु को आठ अप्रैल बुधवार को गांव में शिविर लगाकर आशा किरन और एएनएम कविता ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। इससे नवजात की मौत हो गई। एएनएम ने टीका नस में लगाई थी। टीका लगाने के एक घंटे के बाद नवजात शिशु को ब्लड आना शुरू हो गया और बेहोश हो गया। इसके बाद आशा के साथ नवजात शिशु को लेकर पीएचसी चरगांवा पहुंचे तो प्रभारी ने देखकर बताया कि नवजात शिशु स्वस्थ है घबराने की कोई बात नहीं है। घर लेकर पहुंचे तो नवजात की मौत हो गई।