पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर इस्टर्न रेलवे के हेड ऑफिस कोलकाता पहुंचा तो ऑफिस द्वारा बताया गया कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। तब पीड़ित को लगा कि धोखा देकर कूटरचित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र देकर विजय जायसवाल ने पैसा हड़प लिया गया। जब पीड़ित पैसे की मांग किया तो उसने गाली देकर भगा दिया था।
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इस बात की सूचना पीड़ित ने थाना गुलरिहा को दिया। समझौते के बाद विजय जायसवाल ने दो लाख 67 हजार रुपये वापस कर दिया था। शेष 2,83,000 रुपये में से 2,50,000 रुपये का चेक दिया जो बाउंस कर गया था। यह बात विजय को बताया तो रुपये जल्द वापस करने की बात कह केस करने से मना कर दिया था।
एसएसपी के आदेश पर गुलरिहा पुलिस 29 मार्च 2023 को विजय जायसवाल के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने की धारा में केस दर्ज किया था, तभी से आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।