गुलरिया थाने में गिरफ्तार विनोद उपाध्याय के साथी
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गोरखपुर जिले में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने व धमकाने के आरोपी व माफिया विनोद उपाध्याय के तीन साथियों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर 11 अगस्त को गुलरिहा और रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज किया था। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। जबकि, अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
आरोपियों की पहचान चिलुआताल के करीमनगर निवासी देवेंद्र तिवारी उर्फ राजन तिवारी, सिंघड़िया निवासी रविंद्र उर्फ छोटू चौधरी व गीडा के हरदिया विछौरा निवासी अजय कुमार गुप्ता उर्फ बबलू के रूप में हुई है। देवेंद्र मूल रूप से महराजगंज के फरेंदा इलाके के गनेशपुर का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल थाने में रंगदारी व धमकाने का केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरएफसी में फर्म का रजिस्ट्रेशन था, जिसे विनोद ने अपने साथियों के साथ मिलकर जबरन ले लिया और उसी पर ठेका करता है। पुलिस ने इस मामले के एक आरोपी बबलू गुप्ता को गिरफ्तार किया।
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दूसरा केस कैंट इलाके के दाउदपुर निवासी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि कि मोगलहा स्थित जमीन को दादी ने 1975 में स्व. उमेश चंद्र श्रीवास्तव से बैनामा द्वारा प्राप्त किया था। छह जनवरी 2008 को संजय उपाध्याय, जयप्रकाश उपाध्याय, देवेंद्र कुमार त्रिपाठी उनके पिता से औने-पौने दाम से खरीदने के लिए घर पर आए और कहा कि उन्हें विनोद उपाध्याय ने भेजा है। इस जमीन को उनके नाम पर लिख दें। जमीन बेचने से मना किया गया।
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बाद में 23 फरवरी 2008 को विनोद ने कूटरचित दस्तावेज का सहारा लेकर विनोद कुमार श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, अशोक कुमार श्रीवास्तव से करोड़ों की जमीन मात्र चार लाख में अपने खास साथी पुनीत कुमार व सतीश मिश्रा के पक्ष में करा लिया। इसी जमीन को लेकर 6 सितंबर 2012 को असलहों से लैस होकर आए और धमका कर बैनामा करने का दबाव बनाने लगे थे। पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी और रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।