विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अभियान का कोटा पूरा करने के लिए अवर अभियंताओं ने कुछ बकाएदारों से पुराना चेक लेकर उनकी लाइन नहीं काटी। नगरीय वितरण खंड प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ खंड में अलग-अलग कारणों से बिल भुगतान वाले चेक बाउंस हुए है।
बताया जा रहा है कि कुछ बकाएदारों के खाते में पैसा नहीं होने से चेक बाउंस हो गए। कुछ चेक हस्ताक्षर नहीं मिलने से बाउंस हुए हैं। नगरीय वितरण खंड प्रथम में दिसंबर में 63 चेक व जनवरी में 91 चेक बाउंस हुए है। इन सभी पर 2.90 करोड़ का बकाया है। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया की शहर के कुछ बड़े बकाएदारों ने गलत चेक देकर बिजली कटने से रोक ली थी। ये सभी एक साल तक चेक से भुगतान नहीं कर सकेंगे।
इन खंडों में चेक बाउंस के मामले आए
| खंड प्रथम |
चेक बाउंस |
रकम |
| प्रथम खंड |
154 चेक |
2.90 करोड़ |
| द्वितीय खंड |
22 चेक |
1.88 करोड़ |
| तृतीय खंड |
03 चेक |
2.36 लाख |
| चतुर्थ खंड |
31 चेक |
1.10 करोड़ |