एंटी करप्शन की गोरखपुर इकाई ने जनवरी 2022 से अब तक कुल 11 ट्रैप किए हैं। जिसमे घूस लेने के दौरान कई सरकारी कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार हुए जो अभी तक जेल में हैं। एंटी करप्शन प्रभारी संतोष कुमार दीक्षित ने बताया कि हमारी टीम नौ जिलों में काम करती है। 2022 में अब तक 11 ट्रैप कर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को जेल भेजा गया है।
एंटी करप्शन टीम ने इन्हें पकड़ा
- 27 अप्रैल को एआरओ कार्यालय से वरिष्ठ सहायक लेखाकार सुशील मौर्या को 10 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 17 जून को हरैया बस्ती के लेखपाल घनश्याम चौधरी को दस हजार रुपये के साथ ट्रैप किया। - 19 जून को महाराजगंज के लेखपाल सुभाष पटेल को 5 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 28 जुलाई को आजमगढ़ के लेखपाल अशोक कुमार उपाध्याय को 5 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 23 अगस्त को बस्ती के बिजली विभाग के जेई राघवेन्द्र प्रताप सिंह को 50 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 30 अगस्त को देवरिया बरहज तहसील के लेखपाल अशोक कुमार पांडेय को 5 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 23 सितंबर को देवरिया बिजली विभाग के बड़े बाबू उग्रसेन सिंह को 5 हजार के साथ ट्रैप किया।
- 23 नवंबर को बस्ती बिजली विभाग के जेई राजेश प्रजापति और प्राइवेट पर्सन राहुल कुमार को 10 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 30 नवंबर को मऊ विकास भवन के ग्राम विकास अधिकारी अमरेश सिंह को 20 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।
- 6 दिसंबर को मधुबन, शिव मंदिर के संग्रह अमीन राजेश लाल को 15 हजार रुपये के साथ ट्रैप किया।