हत्या की कोशिश के मामले में साथियों के साथ जिला जेल में बंद है अंशिका
कार चोरी और फर्जी नंबर प्लेट मामले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
गोरखपुर। अस्पताल संचालक पर फायरिंग कर हत्या की कोशिश के मामले में जेल में बंद अंशिका सिंह पर अब खोराबार पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है। हरपुर-बुदहट निवासी अंशिका और उसके साथियों के खिलाफ कार चोरी और फर्जी नंबर प्लेट मामले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे जब्ती की कार्रवाई भी हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, अंशिका पर इससे पहले भी खोराबार थाने में एक आपराधिक मामला दर्ज है। उस मामले में उसके कुछ साथी पहले जेल भिजवाए गए थे, जबकि अंशिका गिरफ्तारी से पहले अग्रिम जमानत लेकर बच गई थी। मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ चोरी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने का आरोप है। यह प्राथमिकी गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र निवासी चंदन नारायण की तहरीर पर 12 अक्तूबर 2024 को खोराबार थाने में दर्ज की गई थी।
शिकायत में आरोप है कि आरोपी दिल्ली से चोरी की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे। पुलिस ने 13 अक्तूबर को खोराबार थाना क्षेत्र के वनसप्ती तिराहे के पास बड़हलगंज थाना क्षेत्र के दोरम्हा निवासी प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की और देवरिया के बरहज बाजार निवासी आकाश वर्मा उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया था। उन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया था।
अंशिका समेत चार अन्य आरोपी तब से भागे हुए थे। जांच के दौरान गाड़ी से चार फर्जी नंबर प्लेटें बरामद की गईं, जिनमें दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सितंबर में दिल्ली से गाड़ी किराए पर ली और बाद में लेकर भाग निकले थे।
देवरिया का आकाश उर्फ बंटी है गैंग का लीडर
खोराबार थाना प्रभारी सुधांशु सिंह की तहरीर के आधार पर अंशिका सहित चार आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले के मुख्य आरोपी देवरिया के बरहज निवासी आकाश उर्फ बंटी को गैंग का लीडर बताया गया है। अन्य आरोपी पीपीगंज थाना क्षेत्र के साहबगंज बापू नगर वार्ड नंबर तीन निवासी देवेंद्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत और हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के झुड़िया बाबू निवासी अंशिका सिंह हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। आरोपियों के खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जेल में बंद अंशिका के बदले तेवर
सिंघड़िया चौराहे पर अस्पताल संचालक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद अंशिका सिंह के तेवर बदले नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पर अंशिका के आंख से आंसू झलक उठे। अंशिका जेल में बंद महिला बंदियों से जल्द ही जमानत पर बाहर जाने की बात कह रही थी। खोराबार पुलिस ने जब जेल में बंद अंशिका का वारंट दाखिल किया तो उसके होश उड़ गए। जानकारी के बाद उसने खाना भी नहीं खाया। सूत्रों ने यह भी बताया कि जेल में बंद बेटी से मिलने के लिए उसकी मां और बहन सिर्फ एक बार ही आईं।
मां-बहन ने छोड़ा घर, सगे संबंधियों ने भी तोड़ा नाता
सीओ समेत 15 पुलिसकर्मियों को जाल में फांसकर रुपये ऐंठने की आरोपी अंशिका का मामला प्रकाश में आने के बाद ग्रामीणों के साथ उसके इकलौते भाई ने भी दूरियां बना ली हैं। यहां तक की उसके सगे-संबंधियों ने भी उनके परिवार से नाता तोड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद एक दो बार ही अंशिका की मां और उसकी छोटी बहन गांव में दिखे हैं। वह कहां रहते और क्या कर रहे हैं, इसकी जानकारी पड़ोसियों को नहीं है।