गोरखपुर। रामपुर नए गांव में मंगलवार को शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशी छीन ली। कक्षा तीन में पढ़ने वाली अंशिका, चाचा की ढाई साल की बेटी अनवी के साथ पूरे दिन खेलती थी। मंगलवार की रात दोनों एक साथ बैठकर मोबाइल में गेम खेल रही थीं, तभी आग की चपेट में आकर इनकी मौत हो गई।
बुधवार को रामपुर नए गांव से शाम चार बजे अनवी का शव पिता श्रीकेश की गोद में और अंशिका की अर्थी पिता अमित के कंधे पर एक साथ ही उठी तो लोग आंसुओं को रोक नहीं पाए। हर तरफ से दहाड़ मारकर रोने-चिल्लाने की आवाज आने लगी। दोपहर तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का शव घर पहुंचा तो देखने वालों की भीड़ एकत्रित हो गई।
मंगलवार की रात करीब नौ बजे गोरखनाथ क्षेत्र के रामपुर नए गांव निवासी रामजी जायसवाल के घर शॉट सर्किट से आग लग गई। बगल में खड़ी मोपेड आग की चपेट में आ गई जिससे उसकी टंकी ब्लॉस्ट कर गई। आग से झुलस कर दो मासूमों की मौत हो गई थी जबकि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें हालत गंभीर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
आग लगने के बाद इन घायलों का उपचार चल रहा है
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इस वजह से भड़की आग, बचाने में झुलसे परिजन
अग्निशमन और पुलिस की जांच में सामने आया है कि मंगलवार को रामजी जायसवाल का बेटा अमित मोपेड से पेट्रोल लेकर आया था। उसे घर के बरामदे में ही रख दिया। बाहर लगे स्विच बोर्ड में अचानक शॉट सर्किट हुई तो चिंगारी निकलकर पेट्रोल के गैलन पर चली गई। इसके बाद आग भड़की और मोपेड समेत घर को आग की चपेट में ले ली।
आग इतनी तेज फैली कि आगे कमरे में खेल रही अंशिका और अनवी को भागने का मौका भी नहीं मिला, वह बुरी तरह झुलस गईं। उन्हें बचाने में परिवार की महिलाएं और अन्य सदस्य भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। पुलिस ने बताया कि घर के अंदर ही किराना स्टोर था। साथ ही अंदर से निकलने का एक ही रास्ता था। उसी रास्ते में भीषण आग लगी थी।
बीआरडी में चल रहा इलाज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में गंभीर हालत में भर्ती सिबू, मीना, रूपम, सीटू के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। जबकि रामजी जायसवाल के बेटी साक्षी की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।