गोरक्षनगरी में जल्द ही पांचवें विश्वविद्यालय की नींव पड़ सकती है। दक्षिण भारत की कंपनी सोभा डेवलपर्स ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से जिले में महिला विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव दिया है।
शासन के जरिए कंपनी ने जिला प्रशासन से 100 एकड़ जमीन की मांग भी की है। इसके लिए गोरखपुर आए कंपनी के प्रतिनिधियों ने कमिश्नर रवि कुमार एनजी व डीएम कृष्णा करूणेश से मुलाकात की थी। कंपनी 700 करोड़ रुपये की लागत से यहां विश्वविद्यालय स्थापित करेगी।
वर्तमान में जिले में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का संचालन हो रहा है। वहीं, आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण चल रहा है। ऐसे में कंपनी जो विश्वविद्यालय स्थापित करेगी, वह जिले का पांचवां होगा।
इसके लिए जिला प्रशासन, वाराणसी रोड पर ताल नदोर में जमीन दे सकता है। कंपनी के लोगों को जमीन दिखाई जा चुकी है। प्रशासन के मुताबिक विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा जिसका संचालन या तो कंपनी करेगी या राज्य सरकार को इसका जिम्मा दिया जाएगा।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि दक्षिण भारत की कंपनी गोरखपुर में सीएसआर फंड से महिला विश्वविद्यालय स्थापित करना चाहती है। इसके लिए 100 एकड़ जमीन की जरूरत है जिसे जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिले के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी।