मुख्यमंत्री ने डीपीआर बनाकर शासन को भेजने के लिए कहा। डीपीआर भेजा गया तो निर्माण की स्वीकृति मिल गई। विभाग का कहना है कि टू लेन उपरिगामी सेतु के निर्माण के लिए व्यय वित्त समिति के साथ प्रशासकीय अनुमति भी मिल गई है।
आरओबी के निर्माण के लिए 19004 वर्ग मीटर खाली भूमि का अधिग्रहण करना पड़ेगा। जबकि 19008 वर्ग मीटर जमीन पर भवन बने हुए हैं। भवन आरओबी की जद में आएंगे। इस कारण भवनों को तोड़ा जाना है। उसका मुआवजा निर्धारित कर दिया गया है। इसी प्रकार जो जमीन आरओबी की जद में आएगी उसका भी मुआवजा तय कर दिया गया है।
प्रशासन जितनी जल्दी मुआवजा वितरित कर जमीन का अधिग्रहण कर लेगा, उतनी जल्दी पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। ब्रिज कारपोरेशन के जिम्मेदारों के मुताबिक व्यय वित्त समिति एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब विभाग फाइनल ड्राइंग तैयार करेगा। उम्मीद है कि एक माह बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। संवाद
ब्रिज कारपोरेशन के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एके सिंह ने कहा कि प्रशासकीय एवं व्यय वित्त समिति से अनुमोदन के बाद निर्माण कार्य के लिए कुछ धन जारी कर दिया गया है। फाइनल ड्राइंग तैयार कर उसे स्वीकृत कराया जाएगा। प्रशासन जितनी जल्दी भूमि उपलब्ध करा देगा उतनी जल्दी सेतु निगम काम शुरू करा देगा। टू लेन के इस पुल को दो साल में पूरा किया जाएगा।