बीमार नाती को हाथी का दर्शन कराने साथ ले गई थी कौशल्या
यज्ञ में शामिल होने के लिए कौशिल्या देवी अपने नाती कृष्णा के साथ गई थी। कृष्णा उनकी बेटी पूजा का बेटा था। वह पांच बच्चों की मां थी, जिसमें एक बेटी डाली की तीन मई 2023 को शादी तय है। बताया जा रहा है कि बेटा अक्सर बीमार रहता था, इसलिए नानी पूजा कराने के लिए कृष्णा को ले गई थी। लेकिन वहां बिदके हाथी ने नानी और नाती दोनों की जान ले ली।
शादी के 12 साल बाद हुआ था बेटे कृष्णा का जन्म
हादसे में मृत कृष्णा, मां-बाप का इकलौता संतान था। परिवार के लोगों ने बताया कि मां पूजा की शादी के 12 साल बाद उन्हें बच्चा हुआ था। तीन दिन पहले मां और बेटा ननिहाल आए थे। तीन महीने पहले घटनास्थल पर स्थित मंदिर पर कृष्णा का मुंडन संस्कार हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस बच्चे की मौत हुई है, वह काफी बीमार चल रहा था। उसके ननिहाल वालों ने मां से कहा था कि बच्चे को यज्ञ में लाकर पूजन कराओ तो वह ठीक हो जाएगा। जिसके बाद मां बच्चे को लेकर मायके आई थी। वह हाथी का पूजन कर बच्चे को आशीर्वाद दिलाने पहुंची थी।
पोती को बचाने के चक्कर में चली गई कांती की जान
कांती पोती आयुष को लेकर यज्ञ में गई थी। वह भी हाथी के पास ही थी। अचानक भगदड़ मचने पर आयुषी को पीछे करके कांती आ गई और फिर उसे पटककर हाथी ने मार डाला।