बाल विकास परियोजना अधिकारी सहजनवां संजय कुमार के वायरल ऑडियो से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। ऑडियो में सीडीपीओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताों को धमका रहे हैं। कह रहे हैं कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मोबाइल में पोषण ट्रैकर अपलोड नहीं हुआ है, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की क्या जरूरत है, जो निर्देश का पालन न करें। वहीं आंगनबाड़ी संघ ने कहा कि जब एंड्राएड फोन ही नहीं मिला है तो एप कैसे डाउनलोड करेंगे।
सीडीपीओ, वायरल ऑडियो में कह रहे हैं कि पोषण ट्रैकर अपलोड कर फीडिंग करना एक दिन का काम है। इसके बावजूद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे अपलोड नहीं कर रहीं हैं। इसलिए वे यह मान लें कि उनकी सेवा समाप्त है। वह इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह सभी का मानदेय समाप्त कर रहे हैं।
प्रकरण पर आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा-एक तरफ सरकार कोरोना काल में लोगों की हर तरह से मदद कर रही है। रेहड़ी, पटरी वाले, दुकानदार से लेकर गरीबों तक की मदद की जा रही है। वहीं सीडीपीओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताों को धौंस दे रहे हैं। वे पहले संसाधन उपलब्ध कराएं, फिर बात करें। उनकी धौंस बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह गलतफहमी में न रहें कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उनसे डर जाएंगी।
सहजनवां सीडीपीओ संजय कुमार ने बताया कि डाटा फीड नहीं होने के कारण पोषाहार कम आ रहा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को वह सेवा समाप्त करने की बात कहे हैं। वह वायरल ऑडियो उनका है। कम पोषाहार आएगा तो कम बच्चों को मिलेगा। जो कुछ भी कहा, उसमें कोई अनुचित बात नहीं है।