महराजगंज जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वर्ष 2019 में भर्ती के शुक्ला नामक शिक्षिका ने आवेदन किया था। 12 फुलटाइम विज्ञान शिक्षकों की बनाई गई सूची में उसका नाम दर्ज था मगर फोटो न होने की वजह से उसकी तैनाती नहीं हो सकी थी।
प्रदेश में संदिग्ध प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रही अनामिका शुक्ला नामक शिक्षिका का मामला सामने आने के बाद सभी बेसिक शिक्षा विभाग में रिकार्डों को खंगालने का कार्य प्रारंभ हो गया है। विभाग यह जानना चाहता है कि कहीं उनके जिले में भी तो कोई अनामिका नामक शिक्षिका कार्यरत नहीं है।
महरागंज में भी विभाग द्वारा रिकार्ड खंगालने के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि वर्ष 2019 में कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षकों की कमीं को पूरा करने के लिए जो आवेदन लिए गए थे, उसमें भी अनामिका शुक्ला नामक शिक्षिका ने आवेदन किया था। विज्ञान विषय के फुलटाइम टीचर पद के लिए आए 12 आवेदनों में जहां वह चौथे नंबर पर थी तथा उसकी मेरिट 287.54 रही।
उसके आवेदन में फोटो नहीं लगा था, जिसके आधार पर उसकी तैनाती नहीं हो सकी। जिला समन्वयक बालिका आरपी सिंह ने बताया कि रिकार्ड खंगालने के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है कि महराजगंज जिले में भी अनामिका शुक्ला नामक शिक्षिका ने वर्ष 2019 में विज्ञान शिक्षक पद के लिए आवेदन किया था, हालांकि उसकी नियुक्ति नहीं हुई है।