गोरक्षपीठ के सेवा भाव को किया याद
शाह ने गोरखपुर की धरा को पावन बताया और कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोरखनाथ, संतकबीर की कर्मभूमि है। इस पावन भूमि पर, आज योगी का नामांकन पत्र भरवाने का सौभाग्य मिला है। गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों ने गोरखपुर को संरक्षित करने और संवारने का काम किया है। योगी के गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने का उदाहरण पेश किया था। महंत अवेद्यनाथ से मेरे करीबी रिश्ते थे। अब उनके कार्यों को योगी आदित्यनाथ आगे बढ़ा रहे हैं।
अब गोरखपुर विकास का प्रतीक
शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में गोरखपुर का सुंदरीकरण हुआ है। ऐसा लगता है कि गोरखपुर की जवानी बढ़ती जा रही है। इसी गोरखपुर को कभी यूपी और बिहार के माफिया का अभ्यारण्य माना जाता था। अब विकास का प्रतीक बन गया है। यहां जापानी बुखार (इंसेफ्लाइटिस) से प्रतिवर्ष हजारों बच्चों की मौत होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया तो उन्होंने इस पर काबू पा लिया। इंसेफेलाइटिस के 90 प्रतिशत मामले कम हो गए हैं।
गोरखपुर की नई परिभाषा गढ़ी
शाह ने गोरखपुर की नई परिभाषा सबके सामने रखी। उन्होंने कहा कि G का मतलब गंगा एक्सप्रेसवे, O का मतलब ऑर्गेनिक खेती, R का मतलब रोड, A यानी एम्स, KH यानी खाद कारखाना, PU का मतलब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और R का मतलब रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर है।
फिर गठबंधन को नकारेगी जनता
गृहमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। कहा कि इस बार भी गठबंधन काम नहीं आएगा। 2014 के लोकसभा, 2017 के विधानसभा व 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत मिल चुकी है। यही इतिहास 2022 में दोहराना है। पिछले दो चुनावों में महागठबंधन हुआ था, जिसे उत्तर प्रदेश की जनता ने नकार दिया था। एक बार भी गठबंधन हुआ है। जनता इसे नकाराने और भाजपा को जीत दिलाने का मन बना चुकी है। गृहमंत्री ने उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, विकास और सुशासन की मुक्त कंठ से सराहना की है।
इतनी जोर से नारा लगाएं कि गूंज पश्चिम तक जाएं
शाह ने गोरखपुर की जनता को खुद से जोड़ा और भारत माता के जयकारे लगवाए। उन्होंने कहा कि इतनी जोर से नारा लगाएं, जिसकी गूंज पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक जाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता ने भी भाजपा को आशीर्वाद देने का मन बना लिया है।